स्वर्गीय तारा सिंह यादव स्मृति संस्थान के तत्वावधान में मुशायरे व सम्मान समारोह
अभिनव इंडिया/अभिनव अग्रवाल
नजीबाबाद। नगर की साहित्यिक संस्था स्वर्गीय तारा सिंह यादव स्मृति संस्थान नजीबाबाद के तत्वाधान में शायर फरहत ज़मा खां सागर की याद में एक सम्मान समारोह व मुशायरे का आयोजन किया गया।
नगर के मौहल्ला नवाबपुरा में शायर शादाब जफ़ऱ के आवास पर साहित्यिक संस्था स्वर्गीय तारा सिंह यादव स्मृति संस्थान नजीबाबाद द्वारा शायर फरहत ज़मा खां सागर की याद में एक सम्मान समारोह व मुशायरे का आयोजन किया। जिसमें नगर के नौजवान शायर सैय्यद अहमद को उनकी अदबी खिदमात के लिए कवि व शायरो ने फरहत ज़मा खां अवार्ड के रूप में प्रतीक चिन्ह्र देकर और शॉल ओढाकर सम्मानित किया। इस मौके पर संस्था के संस्थापक/अध्यक्ष डाक्टर बेगराज यादव ने कहा कि फरहत ज़मा खां सागर एक बहुत अच्छे शायर ही नहीं बल्कि एक बहुत अच्छे इन्सान भी थे। वो उम्दा शेर कहने के साथ ही शायरो और कवियों से दोस्ताना रिश्ते रखते थे।
इस मौके पर हुए मुशायरे का आगाज शायर अकरम जलालाबादी ने नाते पाक से करते हुए कहा.......मकाम ए मुस्तफा अल्लाह हो अकबर, हबीब ए किबरिया अल्लाह हो अकबर। शायर विका जलालावादी ने कहा.......किसी की पीठ में खंजर घुसाये जाते हैं, किसी के जख्म पे मरहम लगाये जाते हैं। साहब ए एजाज़़ शायर सय्यद अहमद ने कहा.......जमीन ढूढता फिरता था में गज़ल के लिए, फिर उस का जिस्म मिला मुझ को इस अमल के लिए। कवि नीरज सिंहल ने कहा..... कोई हिन्दू होता है ना कोई मुसलमान होता है, करें जो एक दूसरे की इज्ज़त वो इन्सान होता है। डाक्टर तैय्यब जमाल ने कहा......पशेमा हो के कोई जब बुलाये तो चले जाओ, हर एक शिकवा गिला दिल से भूलाये तो चले जाओ। शादाब जफ़र शादाब ने कहा.... दिल में हम जो भी ठान लेते है, लोग दुनियां के मान लेते है। अकरम जलालावादी ने कहा..... इंसा अपनी मनमानी पे आया, यकीनन वो परेशानी में आया।
कवि बेगराज यादव ने कहा... चाहत की प्यास रख, मंजिल की आस रख, सफलता पानी है तो खुद पर विश्वास रख। शायर मौसूफ अहमद वासिफ ने कहा....हमने ये बज़्म यूं सजाई है, याद फरहत की हम को आई है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डाक्टर रईस भारती ने कहा....शिर्क से जो भी दूर होता है, जन्नती वो जरूर होता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता डाक्टर रईस भारती ने की व संचालन शादाब जफ़ऱ ने किया। मुख्य अतिथि भाजपा नेता मोइन खान व अबरार सलमानी रहे।
इस मौके पर हुए मुशायरे में जनाब डाक्टर रईस भारती डाक्टर तैय्यब जमाल साहब, डाक्टर बेगराज यादव, शायर सैय्यद अहमद साहब, काजी विकाऊल जलालावादी, शायर अकरम जलालावादी, अबरार सलमानी भाई, कवि नीरज सिंहल, तारिक खान आदि लोग मौजूद रहे।
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