जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी पर विधायक द्वारा लगाया गया आरोप निराधार
-पहले आरोपों की जांच हो फिर हो कार्रवाई.....
अभिनव इंडिया/कुलभूषण शर्मा
गुडग़ांव। हिसार की जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी डॉक्टर निर्मल दहिया पर उकलाना विधानसभा के विधायक नरेश सेलवाल द्वारा विधानसभा में लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए राजकीय अध्यापक संघ संबंधित हरियाणा कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय वरिष्ठ उपप्रधान संदीप शर्मा, उप प्रधान मास्टर जगमिंदर छिल्लर,मुख्य प्रवक्ता जयवीर नाफरिया,जिला प्रधान विनोद परमार, प्रदेश प्रेस सचिव हरीश गोच्छी जिला महासचिव सजन सांगा ने कहा कि विधायक को इस प्रकार के आरोप लगाने से पहले तथ्यों की सही प्रकार से जांच कर लेनी चाहिए ।उनके आरोपों से लगता है कि यह आरोप जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के स्टाफ द्वारा लगाए गए हैं क्योंकि डॉक्टर निर्मल दहिया एक स्वच्छ ईमानदार छवि की अधिकारी है जिसके बारे में अध्यापक संघ को पूरा विश्वास है। उन्होंने कहा कि जो आरोप लगाए गए हैं पहले उनकी जांच होनी चाहिए यदि जांच में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी दोषी पाई जाती हैं तो विधानसभा में उनको सजा देने की मांग की जानी चाहिए ।उन्होंने कहा कि जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कानून नियम के अनुसार कार्य करती हैं और करवाती हैं। उन्होंने भ्रष्टाचार खत्म करने का साहस किया है तो इस तरह के कार्यों में शामिल लोग उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। इस प्रकार किसी ईमानदार अधिकारी को बदनाम नहीं करना चाहिए नहीं तो लोगों का ईमानदारी और सच्चाई से विश्वास उठ जाएगा। उन्होंने कहा कि डॉक्टर निर्मल दहिया भिवानी जिले में खंड मौलिक शिक्षा अधिकारी ,खंड शिक्षा अधिकारी, उप जिला शिक्षा अधिकारी व डीपीसी जैसे मुख्य पदों पर अपनी सेवाएं दे चुकी है। उन पर ऐसे आरोप पहले कभी नहीं लगे। उन्होंने हमेशा ईमानदारी व कर्मठता से कार्य किया है जिसे पूरा शिक्षा जगत जानता है ।इस प्रकार के आरोप लगाने से ईमानदार अधिकारी की छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है जिसकी अध्यापक संघ कड़ी निंदा करता है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार पहले भी छवि खराब करने की कोशिश की गई थी लेकिन उसमें उन्हें कामयाबी नहीं मिली तो दोबारा छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। इस प्रकार बार-बार आरोप लगाने से विभाग के कार्य भी बाधत होते हैं। अध्यापक संघ मांग करता है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा जो भी दोषी हो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जो आरोप विधानसभा में विधायक द्वारा लगाए गए हैं उनमें स्टाफ की भी जिम्मेदारी बनती है कि स्टाफ ने कितनी ईमानदारी से वह कार्य किए हैं। पहले उस स्टाफ की जांच होनी चाहिए फिर अधिकारी की जांच होनी चाहिए।
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