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Kulbhushan-Sharma-becomes-the-chief-spokesperson-of-Retired-Employees-Organization-Haryana

कुलभूषण शर्मा बने रिटायर्ड कर्मचारी संगठन हरियाणा के मुख्य प्रवक्ता

अभिनव इंडिया/परमेंद्र कौशिक

गुडग़ांव। रिटायर्ड कर्मचारी संगठन हरियाणा के तृतीय त्रिवार्षिक प्रतिनिधि अधिवेशन में कुलभूषण शर्मा को मुख्य प्रवक्ता नियुक्त किया गया है।  पत्रकारों से बातचीत करते हुए कुलभूषण शर्मा ने बताया के रिटायर्ड कर्मचारी संगठन हरियाणा का  त्रिवार्षिक   प्रांतीय प्रतिनिधि अधिवेशन महेंद्रगढ़ में संपन्न हुआ जिसमें बाबूलाल यादव को राज्य प्रधान नियुक्त किया गया और शेष कार्यकारिणी में नियुक्तियों के साथ ही कुलभूषण शर्मा को मुख्य प्रवक्ता के तौर पर जिम्मेदारी सौंप गई है। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि वह पहले भी रिटायर्ड कर्मचारी संगठन हरियाणा में मुख्य पदों पर रहते हुए अपनी सेवाएं  देते रहे हैं और अब भी मुख्य प्रवक्ता के रूप में संगठन के कार्य में बढ़-चढक़र सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रांतीय अधिवेशन में केंद्रीय सरकार द्वारा पेंशनर्स की मांगों पर खुलकर बातचीत हुई। जिसमें केंद्र सरकार द्वारा वित्त विधेयक के साथ-साथ पेंशन विधेयक में तब्दीली लाने संबंधी गुपचुप तरीके से बिल पारित करने की घोर निन्दा की गई। इस संबंध में सरकार से स्पष्टीकरण मांगा गया कि आखिर इस बिल के तहत सरकार क्या करना चाहती है। जबकि लोगों में यह भ्रांतियां फैल रही है कि इस बिल के माध्यम से सरकार पेंशन भोगी कर्मचारियों की पेंशन को फ्रीज करना चाहती है ताकि भविष्य में आने वाले किसी भी वेतन आयोग का लाभ 2026 से पहले रिटायर्ड कर्मचारियों को न मिल पाए। जबकि यह उनका मौलिक अधिकार है जिसे किसी कीमत पर सरकार छीन नहीं सकती। उन्होंने कहा कि सांसदों और विधायकों की 24 प्रतिशत  सैलरी बढ़ाने वाली सरकार कर्मचारियों की 2त्न डी ए बढ़ोतरी करके अपनी पीठ थपथपाती है। वहीं उसके लिए उन्हें 6 महीने इंतजार करना पड़ता है। वेतन आयोग के लिए तो 10 वर्ष से ऊपर इंतजार करना पड़ता है। जबकि विधायकों और सांसदों के लिए ऐसी कोई कंडीशन नहीं। हर 5 वर्ष के बाद बिना कोई बिल पारित किए, बिना कोई प्रस्ताव पारित किए विधायकों और सांसदों का वेतन स्वयं में भेजे थपथपा कर बढ़ जाया करेगा। यह विधेयक भाजपा सरकार में पारित किया गया था। इससे पता चलता है कि वर्तमान सरकार कर्मचारियों के हित में कितनी सोचती है और अपने हित में कितना सोचती है। उन्होंने कहा कि यदि इसी प्रकार चलता रहा तो आने वाले समय में सरकारी कर्मचारियों की पेंशन तो पहले ही बंद कर रखी है। वर्षों से पेंशन लेते आ रहे वयोवृद्धों की भूखे मरने की नौबत आ जाएगी। उन्होंने कहा कि पेंशनर्स के हकों के लिए पहले भी रिटायर्ड कर्मचारी संगठन हरियाणा संघर्ष करता रहा है और आने वाले समय में भी इससे पीछे नहीं हटेगा और अपने हकों की  लड़ाई को और तेज करेगा।

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