logo

  • 03
    09:03 am
  • 09:03 am
news-details
राजनीति

Kumari-Selja's-birthday-celebrated-with-pomp

धूमधाम से मनाया कुमारी सैलजा का जन्मदिवस

अभिनव इंडिया/जतिन सैनी

गुडग़ांव। कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव व सांसद कुमारी सैलजा का जन्म दिन धूमधाम से मनाया। इस अवसर पर संजय ग्राम में आयोजित भव्य कार्यक्रम में पीएल कटारिया सहित लोगों ने केक काटा और कर भंडारा लगाकर लोगों को प्रसाद वितरण किया। कुमारी सैलजा के जन्म दिवस पर सभी ने कुमारी सेलजा की लंबी आयु की कामना की। कार्यक्रम में पीएल कटारिया, संदीप कटारिया, मोहन सिंह सरोत, राकेश यादव, जितेंद्र साहू, दसमेश, चिताम्बर, तेजपाल, सुनील गुप्ता लोगों ने भाग लिया। इस बीच सैलजा समर्थकों व कार्यकत्र्ताओं में एक नया जोश व उत्साह देखने को मिला। पीएल कटारिया ने कहा कि कुमारी सैलजा पिछले करीब साढ़े तीन दशक से कांग्रेस में सक्रिय हैं। वे तीन बार केंद्र में मंत्री रहने के अलावा चार बार लोकसभा की सदस्य रह चुकी हैं। वे हरियाणा प्रदेश कांग्रेस की भी अध्यक्ष रही हैं। वर्तमान में वे कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य के अलावा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव हैं। कुमारी सैलजा को कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का भरोसेमंद माना जाता है। विवादों से दूर रहने वाली कुमारी सैलजा साल 1988 में सक्रिय राजनीति में आई। अपनेे पिता के निधन के बाद उन्होंने सिरसा लोकसभा सीट से उपचुनाव लड़ा। इसके बाद वे साल 1991 आर 1996 में सिरसा से जबकि साल 2004 और 2009 में अंबाला से लोकसभा की सदस्य चुनी गईं। कुमारी सैलजा के राजनीति में आने के पीछे भी एक दिलचस्प कहानी है। आई.ए.एस. बनने का सपना देख रही कुमारी सैलजा को उस वक्त अचानक सियासत में कदम रखना पड़ा जब उनके पिता तत्कालीन केंद्रीय मंत्री चौ. दलबीर सिंह का 1988 में निधन हो गया और उनके निधन से रिक्त हुई सिरसा संसदीय सीट पर हुए उपचुनाव में कुमारी सैलजा को कांग्रेस ने मैदान में उतारा। उस वक्त सैलजा बेशक चुनाव हार गई, मगर उनके सियासी सफर की शुरूआत अपने पिता के ही निर्वाचन क्षेत्र सिरसा से हो गई। इसके बाद 1989 में हुए सामान्य चुनाव में भी उन्हें हार मिली। सिरसा से पहली बार 1991 में सांसद व केंद्रीय मंत्री बनी सैलजा ने अपनी निष्ठा, संघर्ष व स्व'छ राजनीति के बूते राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी में एक बड़ा मुकाम हासिल किया है और आज उनकी पहचान कांग्रेस की राष्ट्रीय राजनीति में एक बड़ी दलित नेत्री के रूप में होती है। चार बार सांसद और तीन बार केंद्र में मंत्री रह चुकी कुमारी सैलजा गांधी परिवार की किचन कैबीनेट की खास सदस्यों में शुमार हैं।

You can share this post!

Comments

Leave Comments