55 वर्षीया अफ्रीकी महिला के पेट से निकाला 9.1 किलोग्राम का कैंसर ट्यूमर
अभिनव इंडिया/योगी
नई दिल्ली। फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट, गुरुग्राम के डॉक्टरों ने 55वर्षीया अफ्रीकी महिला के पेट से 9.1 किलोग्राम वजन के कैंसर ट्यूमर को निकालने में सफलता हासिल की। मरीज के पेट में पिछले 6-7 महीनों से दर्द की शिकायत बनी हुई थी। डॉ अमित जावेद, डायरेक्टर, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ओंकोलॉजी, फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट, गुरुग्राम के नेतृत्व में डॉक्टरों की कुशल टीम ने मरीज के पेट से इस बड़े आकार के ट्यूमर को निकाला, जो एक बड़ी फुटबॉल की तरह उनके पेट से लटक रहा था।
डॉ अमित जावेद, डायरेक्टर, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ओंकोलॉजी, फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट, गुरुग्राम ने बताया कि महिला ने फोर्टिस गुरुग्राम आने से पहले अफ्रीका के कई अस्पतालों में इलाज लेने की कोशिश की थी। लेकिन उनके ट्यूमर के साइज, लोकेशन और इस पूरे मामले की जटिलता को देखते हुए उनकी सर्जरी करने से इंकार दिया गया। फोर्टिस गुरुग्राम में भर्ती होने के बाद मरीज की सीटी एंजियोग्राफी और एक पीईटी स्कैन कराया गया। जिससे उनके पेट के अंदर एक बड़े आकार के वास्क्युलर ट्यूमर की पुष्टि हुई। ट्यूमर के साइज और वजन की वजह से सर्जरी काफी चुनौतियों से भरपूर थी। वहीं इस कारण भी मामला पेचीदा था कि हमें ट्यूमर के फैलाव की वजह से यह पता नहीं चल पा रहा था कि वह किस जगह से शुरू हो रहा है। सर्जरी प्रक्रिया करीब 3 घंटे चली और केवल चार दिनों के बाद ही मरीज को स्थिर हालत में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। सर्जरी के बाद यह पता चला कि ट्यूमर दरअसल, पेट की दीवार से बनना शुरू हुआ था। इस प्रकार के ट्यूमर अक्सर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल स्ट्रोमल ट्यूमर कहलाते हैं जो कि गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल मार्ग की दीवारों पर बनना शुरू होते हैं।
यश रावत, फैसिलिटी डायरेक्टर, फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट गुरुग्राम ने कहा, इस मामले में मरीज के ट्यूमर के साइज़ और वजन के चलते चुनौतियां काफी बढ़ गई थीं। लेकिन डॉ अमित जावेद के नेतृत्व में, हमारे डॉक्टरों ने की टीम ने अपनी मेडिकल दक्षता का परिचय देते हुए सर्जरी को अंजाम दिया।
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