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हेल्थ

योग में जीवन के विभिन्न आयामों को पूर्णता देने की शक्ति है: नेहरू

अभिनव इंडिया/पीएल कटारिया
गुरुग्राम।
सातवें योग दिवस और विश्व संगीत दिवस के उपलक्ष्य पर श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के एप्लाइड साइंसेज एवं मानविकी कौशल संकाय द्वारा ई माध्यम से योग एवं संगीत के कार्यक्रम आयोजित किये गए। जिसमेें विश्वविद्यालय की एनएसएस यूनिट की उत्साहवर्धक भागेदारी रही। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह योग दिवस की प्रार्थना से की गई। कार्यक्रम के मुख्यातिथि विश्वविद्यालय के कुलपति राज नेहरू रहे। प्रो. ऋषिपाल डीन एप्लाइड साइंसेज ने मुख्यातिथि, सभी प्रतिभागियों, विद्वानों, अधिकारियों, गेस्ट स्पीकर का अभिनंदन किया और कार्यक्रम की रुपरेखा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि योग भारत के ऋषि मुनियों की ध्यान की उच्चतम अवस्था से अवतरित ज्ञान की अद्भुत देन है। योग से मानव कल्याण ही नहीं अपितु इस सम्पूर्ण जगत के कल्याण का मार्ग परस्त होता है। योग जीवन दर्शन के साथ साथ विज्ञान, चिकित्सा अध्यात्म भी है। इसमें जीवन के विभिन्न आयामों को पूर्णता देने की शक्ति है बशर्ते हम इसके सच्चे साधक बनकर करें। विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. आर. एस. राठौर ने कहा योग वर्तमान महामारी के दौर में एक उम्मीद की किरण की भाँति विश्व भर की मानव जाति के लिए संजीवनी का कार्य कर रहा है। इस मौके पर विश्वविद्यालय के शैक्षणिक एवं कौशल प्रबंधन संकाय के अधिष्ठिता प्रो. ज्योति राणा, कौशल संकाय इंजीनिरिंग के डीन प्रो. डॉ सुरेश कुमार व कौशल संकाय एग्रीकल्चर के डीन प्रो. निर्मल सिंह भी उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के योगाचार्य डॉ सोहन ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के योग प्रोटोकॉल के अभ्यास को बड़े सरल सहज ढग़ से सभी को करवाया। इसमें सूक्ष्म व्यायाम ग्रीवा संचालन से लेकर घुटना संचालन का अभ्यास, ताड़ासन, वृक्षासन, वज्रासन, पवनमुक्तसन और श्वासन क्रियाओं में कपालभाति भ्रामरी का अभ्यास बड़े अच्छे तरीके से करवाया। कार्य्रम के गेस्ट आर्टिस्ट स्पीकर पंडित डॉ  हरविंदर कुमार शर्मा रिटा. प्रिंसिपल गवर्नमेंट पीजी कॉलेज कालका हरियाणा ने मानसिक तनाव में संगीत का योगदान विषय पर अपना संबोधन दिया। उन्होंने अपनी सितार वादन की लाइव प्रस्तुति में प्राचीन रागों, गीतों से लेकर आधुनिक दौर के गानों के साथ जबरदस्त प्रस्तुति प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि योग एक विज्ञान है परंतु आधुनिक युग में योग को संगीत के साथ जोड़ कर चिकित्सा की कसौटी पर कसा जा रहा है और इसके सकारात्मक परिणाम मिल रहें हैं। संगीत जीवन में स्पंदन का काम करता है। हमें परमात्मा से जोड़ता है। संगीत विभाग से अमरजीत, डॉ राजकुमार व विद्यार्थियों ने योग दिवस की प्रार्थना की सुंदर  प्रस्तुति दी। इसके अलावा कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के सभी अधिकारी शिक्षक मंडल, कर्मचारियों व विद्यार्थियों ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया। कार्यक्रम के आखिर में डॉ मोहित ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस कर्यक्रम को सफल आयोजन में डॉ. नकुल, डॉ. राजेश्वरी, डॉ. अमौलिका, डॉ. ललिता, अमरजीत, डॉ. राजकुमार, डॉ. प्रीति, डॉ. निखिलेश, डॉ. जयपाल, आईटी विभाग का भरपूर सहयोग मिला।  
 

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