• 04:50 pm
news-details
खेती

संयुक्त किसान मोर्चा का अनिश्चितकालीन धरना जारी

-दिल्ली की किलेबंदी कर सरकार बना रही भय का माहौल 
अभिनव इंडिया/तेजवंत शर्मा
गुरुग्राम।
किसान आंदोलन के समर्थन में गुडग़ांव के संयुक्त किसान मोर्चा का अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को 43वें दिन भी जारी रहा। मोर्चा के अध्यक्ष संतोख सिंह का कहना है कि केंद्र सरकार किसानों के साथ अमानवीय व्यवहार कर मानवाधिकारों का हनन करने में जुटी है, जिसे किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा। सरकार ने दिल्ली सीमाओं पर धरना स्थलों का बिजली पानी तक काट दिया है, जोकि अमानवीय है। बिजली पानी पर प्रत्येक व्यक्ति का अधिकार है। आरएस राठी, गजे सिंह कबलाना का कहना है कि सरकार को किसानों के साथ बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए। राव कमलवीर ने कहा कि किसानों की शुरु से ही यह मांग रही है कि एमएसपी पर खरीद की गारंटी का कानून बनाया जाए और स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू किया जाए। बीरु सरपंच का कहना है कि किसान राष्ट्रीय किसान आयोग का गठन करने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन उनकी इस मांग को आज तक भी पूरा नहीं किया गया। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाए कि सरकार बलपूर्वक किसानों के आंदोलन को तोडऩा चाहती है। सरकार ने दिल्ली की किलेबंदी कर जनता में भय का माहौल पैदा कर दिया है। ताकि लोग किसान आंदोलन में शामिल न हो सकें। सरकार तानाशाही तरीके से आंदोलन को कमजोर करने में लगी है, लेकिन ऐसा नहीं होगा। धरने का समर्थन करने वालों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। सोमवार को जनवादी महिला समिति की ऊषा सरोहा, भीम आर्मी के धर्मवीर परवाल, रामधन यादव, राजेश डागर, अधिवक्ता अरुण शर्मा, डा. धर्मवीर राठी, बलवान सिंह दहिया, तेजपाल, विजेंद्र सिंह, कुलदीप फौगाट, कृष्ण सिहाग, शेर सिंह, महासिंह ठाकरान सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
 

You can share this post!

Comments

Leave Comments