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पंजाब-हरियाणा

गुरुग्राम की प्रदूषित हवा सुधारने को एयर प्योरिफायर सिस्टम शुरू

-वित्त वर्ष 2020-21 में कुल 65 स्थानों पर लगाए जाने हैं यह एयर प्योरिफायर 
-मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने डिजिटल तरीके से किया प्रोजेक्ट का शुभारंभ
अभिनव इंडिया/परमेंद्र कौशिक
गुरुग्राम।
प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गुरुग्राम की प्रदूषित हवा को शुद्ध (एयर प्यूरिफाई) करने के लिए डिजिटल तरीके से शुभारंभ किया। इस प्रोजेक्ट को एयर केयर नाम दिया गया है। वित्त वर्ष 2020-21 में शहर में इस तरह के एयर प्यूरिफाई लगाए जाने हैं।     
मुख्यमंत्री द्वारा लांच किए गए ‘प्रोजेक्ट एयर केयर’ का गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) एवं जीएसके कंज्यूमर हेल्थकेयर के बीच एक पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशिप प्रोजेक्ट है। इसके तहत 65 अत्याधुनिक वेयू एयर प्योरिफायर यूनिट्स गुरुग्राम में हाई एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) वाले स्थानों पर लगाने शुरू कर दिए गए हैं। पहले चरण में सेक्टर-44, 45, जीएमडीए कार्यालय, रेड लाइट, सिकंदरपुर मेट्रो स्टेशन, राजीव चौक, हुडा सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन के पास, इफको चौक आदि स्थानों पर ये एयर प्योरिफायर लगा दिए गए हैं। 
इस मौके पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा विशेषकर गुरुग्राम में हवा के प्रदूषण का बढ़ता स्तर हम सभी के लिए गंभीर चिंता का विषय है। त्योहारों की शुरुआत हो चुकी है। एेसे में महत्वपूर्ण स्थानों पर अनेक वेयू एयर प्योरिफायर नागरिकों के लिए राहत की सांस साबित होगा। उन्होंने कहा कि प्रदूषण घटाना हर किसी की जिम्मेदारी है। हमें परिवर्तन लाने के लिए एकजुट होकर काम करना होगा। सरकार एवं औद्योगिक इकाईयां विभिन्न कानून लागू कर रही हैं। नागरिकों से आग्रह है कि वो अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे परिवर्तन लाकर इसमें योगदान दें। जैसे वो कार पूलिंग का ज्यादा उपयोग कर सकते हैं। साईकिल का उपयोग कर सकते हैं और कचरे का उचित डिस्पोजल सुनिश्चित कर सकते हैं। जीएसके कंज्यूमर हेल्थकेयर के एरिया मैनेजिंग डायरेक्टर नवनीत सलूजा के मुताबिक मिशन हेल्थ के तहत गुरुग्राम के विभिन्न स्थानों व चौराहों पर ये प्योरिफायर स्थापित कर रहे हैं। सभी के लिए स्वच्छ हवा सुनिश्चित करने के लिए यह एक छोटा सा प्रयास है। 
इस तरह से काम करता है यह सिस्टम: 
विंड ऑग्मेंटेशन एयर प्योरिफिकेशन यूनिट (वेयू) का डिजाइन नीरी एवं आईआईटी बॉम्बे ने किया है। यह प्रदूषण के कणों जैसे पीएम2.5 और पीएम10 कणों, कार्बन मोनोऑक्साईड एवं घुलनशील कार्बनिक पदार्थों को एक फिल्टर द्वारा कार्बन डाई ऑक्साईड में बदलता है। इसके निर्माताओं का दावा है कि यह ट्रैफिक वाले स्थानों पर पीएम10 कणों में 60 से 70 फीसदी, पीएम2.5 कणों में 30 से 40 फीसदी की कमी ला सकता है। यह डिवाइस ऑपरेशन के प्रति घंटे बिजली की आधी इकाई का उपयोग करता है। यह 500 वर्गमीटर तक के क्षेत्र को शुद्ध हवा प्रदान कर सकती है। 
 

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