• 03:01 am
news-details
पंजाब-हरियाणा

वन क्षेत्र में पेट्रोल पंप मामले में सीबीआई हरकत में 

-प्रभावशाली नेता का पेट्रोप पंप लगवाने को निगमाधिकारी तत्पर
-मानव आवाज संस्था ने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री व सीबीआई को की थी शिकायत
अभिनव इंडिया/परमेंद्र कौशिक
गुरुग्राम।
प्रभावशाली नेता का वन क्षेत्र में पेट्रोल पंप लगवाने को लेेकर नगर निगम के अधिकारी जहां खासे तत्पर हैं। वहीं ग्रीन बेल्ट में नियमों के खिलाफ इस पेट्रोल पंप के आवंटन को लेकर मानव आवाज संस्था की शिकायत पर सीबीआई भी हरकत में आई है। सीबीआई ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए हरियाणा के मुख्य सचिव को इस मामले में कार्रवाई करने को कहा है। सीबीआई की एंटी क्रप्शन ब्रांच ने पर्यावरण मंत्रालय और इंडियन ऑयल कारपोरेशन के चीफ विजिलेंस के अफसरों को भी पत्र भेज कार्यवाही करने को कहा है। सीबीआई की ओर से हरियाणा के मुख्य सचिव को पत्र लिखा गया है। जिसमें कहा गया है कि ऐसा क्यों हो रहा है कि वन क्षेत्र में ही पेट्रोल पंप लगाने में अधिक दिलचस्पी दिखाई जा रही है। इस मामले में कार्रवाई की जाए। 
गुरुग्राम के डीएलएफ फेज-1 में वन विभाग के क्षेत्र में पेट्रोल पंप लगवाने की कार्यवाही को लेकर मानव आवाज द्वारा दायर याचिका पर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने कड़ा संज्ञान लिया था। एनजीटी ने गुरुग्राम के जिला उपायुक्त को इस मामले में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा था। जिसके बाद वन विभाग ने जांच-पड़ताल करके रिपोर्ट जिला उपायुक्त को सौंप दी। रिपोर्ट में कहा गया कि अरावली की जमीन पर पेट्रोल पंप लगाना सही नहीं है। नगर निगम कहीं और जमीन इसके लिए दे सकता है। लेकिन, इसके बाद भी पेट्रोल पंप लगाने के लिए आला अधिकारी गुपचुप तरीके से काम कर रहे हैं। इसकी भनक लगते ही मानव आवाज संस्था के संयोजक एडवोकेट अभय जैन ने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और सीबीआई को तथ्यों के साथ इस मुद्दे पर शिकायत भेजी। 
अभय जैन एडवोकेट ने बताया कि गुरुग्राम नगर निगम ने 15 मार्च 2019 को यहां डीएलएफ फेज-1 में वन विभाग के 1500 स्क्वेयर मीटर क्षेत्रफल में पेट्रोल पंप स्थापित करने की अनुमति दी थी। एनजीटी में एडवोकेट रिषभ जैन एडवोकेट ने मानव आवाज की ओर से इस मामले में पैरवी की। जिस पर एनजीटी ने गुरुग्राम के उपायुक्त को जांच के आदेश देकर रिपोर्ट पेश करने को कहा। बीती 9 फरवरी 2021 को एनजीटी में इस मामले में आदेश पारित किए थे कि गुरुग्राम नगर निगम ने वन विभाग क्षेत्र में पेट्रोल पंप लगाने की अनुमति देकर गलत काम किया है। एडवोकेट अभय जैन के मुताबिक इस मामले में सभी विभागों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पहले तो नगर निगम ने वन विभाग क्षेत्र में पेट्रोप पंप लगाने की अनुमति कैसे दी। दूसरे इंडियन ऑयल ने भी इस नियम को ताक पर रखकर पेट्रोप पंप आवंटित कर दिया।  
 

You can share this post!

Comments

Leave Comments