गैंगस्टर दिनेश को साइप्रस से डिपोर्ट कराकर लायी एसटीएफ
गुड़गांव। संगठित अपराध के खिलाफ हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। एसटीएफ द्वारा काला खैरामपुर गैंग के सक्रिय मेंबर दिनेश उर्फ मिट्टू को साइप्रस से डिपोर्ट कराकर शुक्रवार को भारत लाया गया है। 2026 में एसटीएफ की ये 11वीं प्रत्यर्पण कार्रवाई है।
दरअसल, 29 साल का दिनेश हिसार के आदमपुर खंड के गांव खैरामपुर का रहने वाला है। वह काला खैरामपुर गैंग का सक्रिय सहयोगी है और हिमांशु भाऊ गैंग से भी जुड़ा है। काला खैरामपुर गैंग में करीब 38 मेंबर हैं। गैंग सरगना काला खैरामपुर के खिलाफ हत्या, टारगेट किलिंग, हत्या का प्रयास, रंगदारी और अवैध हथियारों के 26 केस दर्ज हैं। गैंग हिसार, सोनीपत, भिवानी, पानीपत, सिरसा, फतेहाबाद, गुरुग्राम और राजस्थान में एक्टिव है।
महिंद्रा शोरूम फायरिंग का मास्टरमाइंड:
एसटीएफ के मुताबिक, दिनेश 2024 में हिसार के महिंद्रा शोरूम पर रंगदारी के लिए हुई फायरिंग का मुख्य साजिशकर्ता था। इस केस में थाना सिटी हिसार में मामला दर्ज है। उसके खिलाफ ओपन-डेटेड गिरफ्तारी वारंट जारी था।
2020 में भागा था साइप्रस:
जांच में सामने आया कि दिनेश 2020 में भारत छोडक़र साइप्रस भाग गया और वहीं पासपोर्ट पर रह रहा था। साइप्रस से डब्बा कॉलिंग नेटवर्क के जरिए रंगदारी के लिए धमकी भरे फोन करवाता था। इस तकनीक से गैंग मेंबर अपनी पहचान और लोकेशन छिपाते थे ताकि विदेश में बैठकर पुलिस से बच सकें। दिनेश नए युवाओं को गैंग में भर्ती करने और जमीनी गुर्गों व गैंग लीडरशिप के बीच समन्वय का काम भी करता था।
एलओसी जारी कराने बाद रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया:
एसटीएफ ने दिनेश के लिए लुक आउट सर्कुलर जारी करवाया और भारतपोल के जरिए इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस के लिए आवेदन किया। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से साइप्रस में होने की सूचना मिली, जिसके बाद डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू हुई।
2026 में 11 गैंगस्टरों को डीपोर्ट कराकर भारत लाया गया:
एसटीएफ हरियाणा ने 2026 में अब तक 11 गैंगस्टर/गैंग मेंबर्स को डिपोर्ट/प्रत्यर्पित कराया है। इनमें लॉरेंस बिश्नोई और रणदीप मलिक गैंग के चार मेंबर, रोहित गोदारा गैंग का एक मेंबर, हिमांशु भाऊ गैंग का दिनेश मिट्टू, वैनकेट गर्ग गैंग का सरगना वैनकेट गर्ग, भूप्पी राणा गैंग का एक मेंबर, कौशल गैंग का एक मेंबर, दो अन्य अपराधी शामिल हैं।
एसटीएफ ने कहा कि दिनेश का डिपोर्टेशन संगठित अपराध और फरार अपराधियों के खिलाफ अभियान में बड़ी सफलता है। पुलिस रिमांड के दौरान उसके आपराधिक नेटवर्क, विदेश में गैंग सरगनाओं से संपर्क और रंगदारी वसूली में भूमिका की गहन जांच होगी। एसटीएफ ने दोहराया कि वो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर फरार अपराधियों को कानून के कटघरे में लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
Comments
Leave Comments