हरियाणा सरकार–अन्नामृत फाउंडेशन की साझेदारी से सरकारी स्कूलों के बच्चों को मिल रहा पौष्टिक भोजन
गुड़गांव। स्वस्थ और पोषित बच्चे ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की मजबूत नींव होते हैं। इसी सोच को साकार करते हुए हरियाणा सरकार और अन्नामृत फाउंडेशन की साझेदारी राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम पोषण) योजना के तहत संचालित यह पहल बच्चों को पौष्टिक मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और समग्र विकास को भी नई दिशा दे रही है।
अन्नामृत फाउंडेशन वर्तमान में हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल और कुरुक्षेत्र जिलों के 1,956 सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत 2,87,173 से अधिक विद्यार्थियों को प्रतिदिन स्वच्छ, संतुलित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध करा रहा है। आधुनिक केंद्रीकृत रसोईघरों में अत्याधुनिक तकनीक और सख्त गुणवत्ता मानकों के अनुरूप भोजन तैयार किया जाता है, जिसे निर्धारित समय पर स्कूलों तक पहुंचाया जाता है। पूरी प्रक्रिया में स्वच्छता, पोषण और खाद्य सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।
हरियाणा सरकार के सहयोग से संचालित यह पहल राज्य में कुपोषण की चुनौती से निपटने के साथ-साथ विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने, उनकी एकाग्रता में सुधार लाने और सीखने की क्षमता को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। विशेषज्ञों और विभिन्न अध्ययनों के अनुसार, पौष्टिक भोजन प्राप्त करने वाले बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर होता है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों पर भी देखने को मिलता है।
इस कार्यक्रम की एक खास विशेषता तकनीक आधारित पारदर्शिता है। अन्नामृत फाउंडेशन के 'सेतु ऐप' के माध्यम से भोजन की तैयारी, गुणवत्ता, परिवहन और समय पर वितरण की रियल-टाइम निगरानी की जाती है। इससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि प्रत्येक विद्यार्थी तक सुरक्षित और पौष्टिक भोजन समय पर पहुंचे।
हरियाणा सरकार और अन्नामृत फाउंडेशन की यह साझेदारी सार्वजनिक और सामाजिक क्षेत्र के सफल समन्वय का उदाहरण बनकर उभरी है। यह पहल न केवल बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा को सशक्त बना रही है, बल्कि एक ऐसे भारत के निर्माण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है, जहां प्रत्येक बच्चे को बेहतर पोषण, समान अवसर और उज्ज्वल भविष्य प्राप्त हो सके।
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