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ऑटो मोबाईल क्षेत्र में नई तकनीक व रिसर्च पर काम करना होगा: गडकरी

अभिनव इंडिया/परमेंद्र कौशिक
गुरुग्राम।
केंद्रीय सडक़ परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि ऑटो मोबाईल क्षेत्र में भविष्य की जरूरत के अनुरूप निरंतर नई तकनीक व रिसर्च पर काम करना होगा। पर्यावरण प्रदूषण जैसी स्थिति से बचने के लिए भी नए विकल्प तैयार करने होंगे। गडकरी इंटरनेशनल सैंटर फॉर ऑटोमोटिव टैक्नोलॉजी में आयोजित तीन दिवसीय न्यूजेन सम्मिट-2019 का शुभारंभ करने के बाद ऑटोमोबाईल सैक्टर में हो रहे नए अनुसंधान व तकनीकों की जरूरत के संबंध बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि ऑटो मोबाईल सैक्टर में सुधार की दिशा में आईकैट सैंटर गुरुग्राम की टीम अच्छा कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि देश आर्थिक रूप से मजबूती की ओर बढ़ रहा है। वर्ष 2030 तक भारत विश्व की तीसरी बड़ा आर्थिक शक्ति होगा। इस आर्थिक शक्ति में आटोमोबाइल सेक्टर की अहम भूमिका होगी। देश के सामने कई चुनौतियां भी है, जिन पर सफलता पाने के बड़े स्तर पर प्रयास जारी है। उन्होंने कहा कि देश में कच्चे तेल के रूप में और भी विकल्प तैयार करने होंगे ताकि भविष्य की जरूरतों के अनुसार ईंधन की जरूरत को पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि वे स्वयं कृषि क्षेत्र से जुडे़ रहे हैं। डीजल व पेट्रोल के विकल्प के रूप में सीएनजी व हाईड्रोजन जैसी तकनीक पर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि ऑटोमोबाईल सैक्टर में बहुत अधिक कंपीटीशन है। आटो मोबाइल में मैनुफैक्चरिंग की दृष्टि से भारत काफी अच्छा कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश में इस समय क्वालिटी की दृष्टि से अच्छी सडक़ों का निर्माण किया जा रहा है। प्रतिदिन औसतन 30 किलोमीटर की गति से सडक़ों का निर्माण हो रहा है। अनेक नए राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। दिल्ली के आसपास नए-नए एक्सप्रेस-वे बनाए जा रहे हैं, जिनमें द्वारका एक्सपै्रस-वे, रिंग रोड दिल्ली शामिल हैं। इसी प्रकार, दिल्ली से मुंबई तक एक लाख करोड़ रूपए की लागत से एक्सपै्रस-वे का निर्माण किया जाएगा, जो हरियाणा राजस्थान, गुजरात व महाराष्ट्र से गुजरेगा। इसके लिए जमीन अधिग्रहण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। सरकार ने अनेक नए एक्सप्रेस-वे मंजूर किए हैं, ताकि अच्छे सडक़ मार्ग बनें, जिससे वाहनों में ईंधन की खपत में भी बचत होगी। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता है कि देश में बहुत अच्छी गुणवता के रोड बनाए जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का न्यू इंडिया का सपना भी तभी पूरा होगा, जब भारत में नई-नई तकनीकी पर काम होगा तथा अच्छे सडक़ मार्ग तैयार किए जाएंगे। सरकार का सबसे पहला प्रयास है कि वायु, जल, भूमि प्रदूषण पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके। देश में नदियों की सफाई पर भी बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है। भारत में अब वॉटर यातायात पर काम किया जाएगा, जोकि सडक़ व रेलवे पर होने वाले खर्च तुलना में बहुत सस्ता होगा। इससे पहले आईकैट के निदेशक दिनेश त्यागी ने सम्मिट की रूपरेखा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके बाद केंद्रीय मंत्री ने सम्मिट में भाग ले रही कंपनियों की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर आईकैट की सीनियर जीएम प्रमिला टिक्कू, आईकैट के डीजीएम मधुसूदन जोशी, मारूति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के सीईओ एवं मैनेजिंग डायरेक्टर कानिची आयुकावा, होंडा मोटर्स एंड स्कूटर्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रैजीडेंट एवं सीईओ मिनोरू काटो सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
 

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