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राजनीति

भाजपा के क्लीन स्वीप अभियान में रोड़ा बने निर्दलीय

धर्मेंद्र कौशिक/प्रधान संपादक
गुरुग्राम।
वर्ष 2014 में हुए विधानसभा चुनाव में जिला में क्लीन स्वीप करने वाली भाजपा के लिए इस बार राह आसान नहीं है। भाजपा ने चारों सीटों पर नए प्रत्याशियों को उतारा है। निर्दलीयों के चलते जिला में उसके क्लीन स्वीप अभियान को पलीता लग सकता है। जिला की एक सीट पर तो जेजेपी का प्रत्याशी अन्य प्रत्याशियों पर भारी पड़ता लग रहा है। वहीं अन्य तीन सीटों पर भी निर्दलीय भाजपा की जीत में रोड़ा बनकर समीकरण गड़बड़ा सकते हैं। वर्ष 2014 में भाजपा ने जिला की गुरुग्राम, बादशाहपुर, पटौदी व सोहना विधानसभा सीट जीतकर क्लीन स्वीप किया था। लेकिन इस बार के चुनावों में भाजपा प्रत्याशियों को खासी मशक्कत करनी पड़ सकती है। चारों सीटों पर भाजपा का मुकाबला कही जेजेपी तो कहीं निर्दलीय प्रत्याशियों से हो रहा है। 
गुडग़ांव विधानसभा में निर्दलीयों से मुकाबला:
गुडग़ांव विधानसभा क्षेत्र में कुल 3,61,581 मतदाता हैं। जिला की गुरुग्राम सीट जिसे प्रदेश की सबसे हॉट सीट माना जाता है, भाजपा के लिए सबसे सेफ सीट मानी जाती है। गुरुग्राम से मौजूदा विधायक भाजपा के उमेश अग्रवाल की जीत प्रदेश में सबसे बड़ी जीत रही। वे 84095 वोट से विजयी हुए, उन्हें 106106 वोट मिले। लेकिन, इस बार उनकी टिकट काटकर सुधीर सिंगला को दे दी गई। गुरुग्राम सीट पंजाबी बाहुल्य सीट है। ब्राह्मण व यादव मतदाताओं की तादाद भी खासी है। एेसे में निर्दलीय प्रत्याशी मोहित ग्रोवर पंजाबी बाहुल्य क्षेत्र में बड़ी सेंध लगा सकते हैं। वहीं निर्दलीय ब्राह्मण प्रत्याशी निगम काउंसलर अश्विनी शर्मा भी सुधीर सिंगला को खासा नुकसान पहुंचा सकते हैं। निर्दलीय उम्मीदवार राव भोपाल सिंह व जेजेपी प्रत्याशी सूबे सिंह बोहरा की यादव को यादव मतों के सहारे कमजोर नहीं आंका जा सकता। गुरुग्राम में कंपनी श्रमिक मतदाताओं की तादाद भी पचास हजार से ज्यादा है। निर्दलीय प्रत्याशी व श्रमिक नेता कुलदीप जांघू का श्रमिकों में काफी असर है। वहीं कांग्रेस के सुखबीर सिंह कटारिया व आम आदमी पार्टी के आरएस राठी भी चुनाव में पूरी तैयारी के साथ जनसंपर्क कर रहे हैं। गुडग़ांव सीट पर मुख्य मुकाबला भाजपा व निर्दलीयों के बीच होने की संभावना है। 
बादशाहपुर विधानसभा में कांटें की टक्कर:
प्रदेश की सबसे ज्यादा मतदाता बादशाहपुर विधानसभा में हैं। यादव बहुल असेंबली में वोटरों की संख्या 3,96,281 है। वर्ष 2014 के चुनाव में यहां से भाजपा के राव नरवीर सिंह ने इनेलो के राकेश दौलताबाद को हराया। राव नरवीर सिंह को 86672 वोट मिले, जबकि राकेश दौलताबाद को 68540 वोट मिले। मोदी मैजिक के बावजूद राकेश दौलताबाद ने राव नरवीर सिंह के पसीने छुड़वा दिए थे। इस बार भाजपा ने यहां से राव नरवीर की टिकट काटकर युवा चेहरा मनीष यादव में भरोसा जताया है। यहां कांटे की टक्कर मानी जा रही है। मनीष यादव का मुख्य मुकाबला निर्दलीय प्रत्याशी राकेश दौलताबाद से होगा। कांग्रेस के राव कमलवीर मिंटू भी मुकाबले में हैं। लेकिन यादव मतदाताओं को ज्यादा रूझान भाजपा की ओर ज्यादा रहेगा। राव कमलवीर मिंटू अगर मजबूत होते हैं तो उसका नुकसान मनीष यादव को होगा और एेसे में राकेश दौलताबाद भी बाजी मार सकते हैं।  
सोहना में जेजेपी के खटाना भारी:
सोहना विधानसभा क्षेत्र में जेजेपी के रोहताश खटाना फिलहाल सभी प्रत्याशियों पर भारी पड़ रहे हैं। सोहना में 2,30,071 मतदाता हैं। जिसमें मुस्लिम व गुर्जर मतदाताओं की तादाद ज्यादा है। भाजपा ने यहां से विधायक तेजपाल तंवर की टिकट काटकर कुंवर संजय सिंह को दी है। जिससे गुर्जर मतदाताओं में खासा रोष देखने को मिल रहा है। मुस्लिम समुदाय से कांग्रेस का प्रत्याशी शमशुददीन को टिकट मिलने पर जेजेपी ने गुर्जर जाति के रोहताश खटाना को टिकट थमा दी। गुर्जर समाज ने पंचायत करके जेजेपी के रोहताश खटाना को अपना समर्थन दिया है। रोहताश खटाना का पूर्व के चुनावों में भी बेहतरीन प्रदर्शन रहा है। इस बार गुर्जर समाज का एक भी प्रत्याशी मैदान में नहीं होने से उनको काफी मजबूत माना जा रहा है। रोहताश खटाना का मुख्य मुकाबला भाजपा व कांग्रेस से होगा। 
पटौदी में राजा साहेब पर होगी नजर:
जिला की सुरक्षित पटौदी विधानसभा क्षेत्र में कुल 222465 मतदाता है। इस विधानसभा क्षेत्र में राव इंद्रजीत सिंह का खासा प्रभाव रहा है। उनकी रजामंदी के बिना यहां से विधायक बनना टेढ़ी खीर है। भाजपा ने यहां से भी विधायक बिमला चौधरी का टिकट काटकर सतप्रकाश जरावता को दे दिया। जिसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में खासा रोष देखने को मिला। भाजपा के नरेंद्र पहाड़ी निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर जरावता की समस्या बढ़ा रहे हैं। राव इंद्रजीत सिंह अगर खुलकर जरावता के समर्थन आते हैं तो उनकी जीत निश्चित है। अगर राव इंद्रजीत सिंह ने चुप्पी साध ली तो यहां मुकाबला भाजपा, कांग्रेस, जेजेपी व निर्दलीय के बीच होगा।

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