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गुरुग्राम विश्वविद्यालय में मनाया विश्व फिजियोथेरेपी दिवस

अभिनव इंडिया/सतीश यादव
गुरुग्राम।
चीफ फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. जया प्रकाश जयावेलू ने कहा कि एक फिजियोथैरेपिस्ट के तौर पर काम करने के लिये सबसे जरूरी है कि आपका एटिट्यूड कैसा है, क्योंकि सबसे महत्वपूर्ण यही है कि आप अपने काम के प्रति दृष्टिकोण कैसा रखते है। आपको ना सिर्फ फिजियोथेरेपी की, बल्कि इससे जुड़ी सभी शाखाओं की जानकारी होना जरूरी है। तभी आप अपने मरीज को भरोसा दिला पाओगे कि आप उनके लिये क्यों बेहतर है। यह बात उन्होंने गुरुग्राम विश्वविद्यालय में विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कही। इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलपति डा. मार्कण्डेय आहुजा मौजूद रहे। उन्होंने छात्रों की रूचि देखते हुए अपने अस्पताल में विजिट के लिये भी कहा। साथ ही छात्रों के बेहतर भविष्य की कामना करते हुए उन्हें इंटर्नशिप के लिये भी ऑफर किया। कुलपति डॉ. मार्कण्डेय आहूजा ने कहा कि फिजियो अपने आप में ही जीवन की परिभाषा है। आप अपने काम के प्रति ईमानदार रहे, काम करने का जूनुन हो तभी आपको सफलता हासिल होगी। हमारे शरीर की क्षमता में ही शरीर का इलाज छुपा है। इसे जियोथैरेपी पद्धति ने पहचाना और लोगों का इलाज बिना दवा-गोली के होना शुरू हुआ। डा. मार्कण्डेय आहूजा ने कहा कि जब शरीर की सहनशीलता नहीं रहती है तो वह तरह-तरह की बीमारियों व दर्द की चपेट में आ जाता है। हम उम्मीद करते हैं कि आप सभी भविष्य के बेहतर फिजियोथेरेपिस्ट साबित होंगे। इस दौरान छात्रों ने पेंटिंग प्रदर्शनी भी लगाई। जिसमें फिजियोथेरेपी के महत्व को दर्शाया गया। पेंटिंग प्रतियोगिता में पहला स्थान बीपीटी द्वितीय वर्ष के शुभम कटारिया ने हासिल किया। दूसरे और तीसरे नंबर पर अजम अहमद और पूजा रेवलिया रहे। अंत में कुलपति डॉ. मार्कण्डेय आहूजा ने विशेष अतिथि डॉ. जया प्रकाश को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया और पेंटिंग प्रतियोगिता के विजेता छात्रों को मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन फिजियोथेरेपी विभाग की ओर से किया गया। इस दौरान फिजियोथेरेपी विभाग के डीन डॉ. धीरेंद्र कौशिक, डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. अमन वशिष्ठ, डॉ. अपर्णा, डॉ. बदरी मौजूद रहे। 
 

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